
मूल अधिकार: न्यायालयों की न्यायिक-पुनर्विलोकन की शक्ति
वस्तुतः अनुच्छेद 13 न्यायालयों को न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति प्रदान करता है। संविधान ने इस शक्ति को भारत के उच्चतम न्यायालय को प्रदान किया है। उच्चतम न्यायालय किसी भी विधि को जो मूल अधिकारों से असंगत है, अवैध घोषित कर सकता है।
न्यायिक पुनर्विलोकन का अर्थ एवं आधार
प्रोफेसर कारविन के अनुसार, न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति न्यायालयों की वह...